Sunday, July 15, 2018

हरतोला गांव (उत्तराखंड) की सैर - ये कौन चित्रकार है

हरतोला, रामगढ़ ब्लॉक के जिला नैनीताल (उत्तराखंड) का 8345 फीट की ऊंचाई पर बसा एक छोटा एवं खूबसूरत गांव है। एक तरफ यह मुक्तेश्वर फॉरेस्ट रिज़र्व से मिला हुआ है।

 नैनीताल से मात्र 50 किमी की दूरी पर स्थित हरतोला, बांज, बुरांश, देवदार एवं अन्य जंगली प्रजाति की वनस्पतियों और पेड़ों से समृद्ध वन्य संपदा से घिरा हुआ है। यहाँ पर सेव, प्लम, आड़ू, नाशपती, अमरूद आदि फलों की बहुतायत है। 


बरसातों की धुंध के सहसा छंटने पर सामने हिमालय की हिमाच्छादित त्रिशूल एवं नंदादेवी की चोटियों पर चांदी सी चमकती बर्फ के दर्शन अभिभूत कर देते हैं। धुंध के रहते बदलों पर चलने का अहसास आह्लादित कर देता है।


अपनी शांत वादियों, पवित्र आबोहवा एवं नैसर्गिक छटा बिखेरता हुआ हरतोला, देव भूमि उत्तराखंड का अति दर्शनीय स्थल है। 


Wednesday, April 25, 2018

हिन्दी अकादमी की मासिक पत्रिका - इंद्रप्रस्थ भारती (मार्च 2018 ) में प्रकाशित कहानी - मुख़्तसर सी बात

'साहित्य कोई खेल नहीं' में मैत्रेयी पुष्पा जी की कलम से निकले शब्द - अपनी ही पीड़ाओं से बंधे आज के अविश्वासी लेखन संसार में खुद को साधे रखना मामूली बात नहीं है।

 ' प्रेम अनुभूति और अहसास है। प्रेम परमानंद है तो मीठा दर्द भी है।प्रेम तो आत्मा का आत्मा से और दिल से दिल का संगम का दिव्य अहसास है.'  (डॉ जीतराम भट्ट)


Thursday, April 12, 2018

उदयपुर से प्रकाशित, त्रैमासिक पत्रिका - अभिनव सम्बोधन ( जनवरी -मार्च २०१८ ) में प्रकाशित कहानी - 'धुंध भरे रास्ते'

सम्पादक - क़मर मेवाड़ी जी 
मेवाड़ी जी उन चंद आदरणीय सम्पादकों में हैं जो कहानी देख कर निर्णय लेते हैं न कि कहानी भेजने वाले के परिचय के आधार पर। अक्टूबर २०१५ - जनवरी २०१६ की सम्बोधन पत्रिका का जब स्वर्ण जयन्ती वर्ष पर प्रकाशित -प्रेम कथा अंक आया था। तब मैंने फेस बुक पर लगी पोस्ट के आधार पर उन्हें अपनी एक प्रेम कथा 'सरल समर्पण' यूँ ही भेज दी थी। अद्भुत आश्चर्य तब हुआ जब उनका सिर्फ एक वाक्य कहता हुआ फोन आया। " बहुत शानदार कहानी है। संग्रह में ले रहा हूँ। लिखती रहें।" कहानी उन्हें बेहद पसंद आयी थी। उस वक्त मैं ढेरों आश्चर्य से भर गई थी। सोचा इतने वरिष्ठ साहित्यकार, इतनी ईमानदारी और इतनी विनम्रता। उस कहानी के बाबत मेरे पास खूब मेल, टेक्स्ट और फ़ोन भी आए थे। आज विरले ही हैं जो किसी को सराहते हैं और उनके आगे बढ़ने पर प्रसन्न होते हैं? साहित्य की दुनिया में यदि आदरणीय क़मर मेवाड़ी जी जैसे अग्रज हों तो नवोदयों का मार्ग प्रशस्त होता रहेगा, हौसला बना रहेगा और कलम चलती रहेगी। मेवाड़ी जी आपको मेरा नमन। 



Thursday, April 5, 2018

उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में बसे रामगढ़ ( नैनीताल ) में कवयित्री महादेवी वर्मा की मीरा कुटीर के प्रांगण को गुलज़ार करती दो दिवसीय गोष्ठी - स्त्री और लेखन'

"पंथ की बाधा बनेंगे तितलियों के पर रंगीले / विश्व का क्रंदन भुला देगी / मधुप की मधुर गुनगुन।"

कुछ ऐसी ही मधुर गुनगुन से २६ एवं २७ मार्च २०१८ को कई दिग्गज साहित्यकारों ने नैनीताल की विहंगम पहाड़ियों को संगीतमय किया। उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में बसे रामगढ़ ( नैनीताल ) में स्थित कवयित्री महादेवी वर्मा की मीरा कुटीर के प्रांगण ( शैलेश मटियानी पुस्तकालय के हाल में ) को गुलज़ार करती दो दिवसीय गोष्ठी - स्त्री और लेखन' समपन्न हुयी। यह गोष्ठी महादेवी के १११ वे जन्मदिन पर 'महादेवी सृजन पीठ' कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की गई ।
 सुश्री मृदुला गर्ग, श्री मंगलेश डबराल, श्री सतीश जायसवाल, महादेवी सृजन पीठ के निदेशक प्रो देव सिंह पोखरिया, संगोष्ठी समन्वयक श्री मोहन सिंह रावत एवं कई अन्य साहित्यकारों के सानिध्य में उनके उत्तम विचारों को आत्मसात करते वे अद्भुत पल थे। महादेवी की प्रिय शिष्या डॉ यास्मीन सुल्ताना ने उनके साथ व्यतीत अपने सुंदर पलों को संस्मरण द्वारा साझा किये। गीता गैरोला दी, श्री मुकेश नौटियाल, श्री सुनील भट्ट , श्री कुंवर रविंद्र, डॉ सिद्धेश्वर, डॉ शशांक, डॉ अनिल, मेरी बाल सखा डॉ नूतन गैरोला एवं कई अन्य साहित्यकारों ने आलेख एवं कविताओं में समाहित भावों से सभी को मंत्रमुग्ध किया।




अल्पभाषी, विनम्र एवं कुशल संचालक श्री मोहन सिंह रावत जी को हार्दिक धन्यवाद एवं आभार जिनके आमंत्रण पर मैं गोष्ठी में सम्मिलित हुयी। सौम्य प्रो देव सिंह पोखरिया जी का भी हार्दिक धन्यवाद एवं आभार जिन्होंने मुझे कविताओं के द्वितीय सत्र की अध्यक्षता करने का अवसर प्रदान किया। अन्य सभी मित्रों को साधुवाद, अभिनन्दन।
गोष्ठी के दूसरे दिन सुस्वादु भोजन के उपरांत प्रसन्नता से सराबोर और परिचय का आदान -प्रदान करते हुए सभी विदा हुए अगले वर्ष फिर से एकत्रित होने के लिए।  

Monday, April 2, 2018

बीटल्स आश्रम ( महर्षि महेश योगी आश्रम, चौरासी कुटिया ) ऋषिकेश -उत्तराखंड


"If you don't know where you're going, any road will take you there."

When you've seen beyond yourself, then you may find, peace of mind is waiting there." 

प्रकृति की बेपनाह सुंदरता, जंगल की अद्भुत शांति, बोलते- खामोश खँडहर और लुभावनी छोटी - छोटी ध्यान गुफाओं में बनी कलाकृतियां और उनके अवशेष की कहानियां समेटे बीट्लस आश्रम खूब आकर्षित करता हैं।
 इंग्लैंड का एक मशहूर इंग्लिश म्यूजिकल बैंड जो सन 1960 - 1970 के बीच खूब चर्चित रहा। 












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