यूँ तो जासूसी उपन्यासों और लेखों में मुझे कभी कोई विशेष दिलचस्पी नहीं रही लेकिन शेरलाक होम्स और उनकी गहरी रहस्यमई गुत्थियों को सहजता से सुलझा लेने का हुनर मुझे बहुत आकर्षित करता है जीवन के शुरुआती वर्षों में .....अन्य कुछ लोगों की ही तरह मैं भी उन्हें एक जीता जागता व्यक्ती ही समझती थी.....बाद में मालूम हुआ वो मात्र एक ब्रिटिश लेखक और चिकित्सक सर आर्थेर कोनन डॉयल द्वारा रचा गया जासूसी चरित्र है ऐसे भी महान लेखक हैं इस दुनिया में जो अपने द्वारा रचे काल्पनिक पात्रों को भी जीवित कर दिये.....
शेरलाक होम्स का शानदार संग्रहालय लन्दन में है.....ये दुनिया का पहला ऐसा संग्रहालय है जो किसी उपन्यासिक चरित्र पर बना है....कुछ समय के बाद स्विट्जरलैंड के बर्नीज आल्प्स के मेरिनगेन नामक स्थान पर भी इसका एक छोटा रूप बनाया गया....
२० जुलाई २०११ में इंटरलाकन में मेरा दो रातों का विश्राम था सो अगले दिन वहाँ से १८.३ किमी की दूरी पर बना ये संग्रहालय देखने का अवसर निकाला.... कार द्वारा इंटरलाकन से मेरिनगेन का सफ़र करीब ४५ मिनट् का था.....
जितने प्रेम से मैं अपने पसंदीदा लोगों की जीवनी पढना पसंद करती हूँ उतनी ही शिद्दत से मुझे संग्रहालय भी आकर्षित करते हैं, बहुत खुशी और ढेरों आश्चर्य लिए कि कैसा होगा एक काल्पनिक व्यक्ती का जीवन संसार और उसका जीवन चरित्र अनुभव करने मेरिनगेन पहुँची छोटा सा मगर साफ़, सुन्दर, सजाया हुआ सा मेरिनगेन
संग्रहालय के बाहर उनकी एक सजीव सी मूर्ती लगी हुई है......उनसे थोड़ा रूहानी संवाद करने का आनंद भी लिया.......
भीतर टिकट के साथ एक माइक्रोफोन भी मिला जिसका एक सिरा कान पर लगाना था और दूसरे पर सेंसर लगा था जिस से उस वस्तु विशेष के बारे मैं जानकारी हासिल कर सकें, कई भाषाओँ में से अपनी पसंदीदा भाषा पर इसे सेट किया जा सकता था........टेक्नोलोजी भी कितनी कमाल की चीज़ है
ये छोटा सा संग्रहालय इंग्लिश चर्च में बना हुआ है, ऊपर कुछ पेंटिंग्स और जानकारियां हैं, नीचे तल में था शेरलाक होम्स का अदभुत संसार
वहाँ उनके बारे में कई जानकारियों सहित उनके प्रयोग में लाने वाली वस्तुवें भी रखीं हैं, उनके हैट, दस्ताने, जेब घड़ी, लेन्सेस, सिगार, कोट, छड़ी, चाबुक, डायरी, पेन, चश्मा, उनके द्वारा लिखे पत्र, पुस्तकें, पिस्तौल आदि..... सभी के बारे में जानकारी लेते, वर्णन सुनते, देखते, समझते आगे बढ़ते रहे...अब सामने एक बेहतरीन ढंग से सजा कमरा है, रहस्यों को सुलझाने में जरुरी सभी सामान के साथ-साथ यहाँ पर उनका शानदार शोफा पलंग, कुर्सी, टेबल, शीशा, फायर प्लेस, बहुत सी पुस्तकें और उनकी स्वयं की जरूरतों का सामान भी रखा हुआ है......यहीं पर उन्होंने डाक्टर वाटसन के साथ कई रहस्यों को सुलझाया था, लेसदार रेशमी पर्दों से सवंरा ये कमरा बेहद मनमोहक और सजीव है.
मैं तो इन सब में इतना खो गई थी की किसी जिंदादिल अनजान ने मुस्कुराते हुवे हाथ से कंधे पर टैप कर के कहा "I think its time to go out, or you want to stay here with his ghost" मुझे अंग्रेजों के किसी जगह विशेष का ज्ञान होना और उनकी जिन्दादिली बहुत पसंद आती है.......खुले दिल, खुली सोच वाले और पूरी जानकारी रखते हुवे प्रसन्नचित लोग........
अब वहाँ से आनंदित होते और मिक्रोफोन वापस करते हुवे बाहर आ जाते हैं, वहाँ से दूर दिख रहा था स्विस आल्प्स का राखंबक फाल् जहाँ से कहा जाता है एक रहस्य सुलझाने के दौरान अपने दुश्मन से लड़ते हुवे उनकी नीचे गिर कर म्रत्यु हो गई थी......परन्तु बाद में अपनी आपार प्रसिद्धी और अपने चाहने वालों के आग्रह पर फिर उन्हें जीवित दिखाना पड़ा था....
सब कुछ इतना जीवंत, सुन्दर व व्यस्थित है की बहुत ही रोमांच व आश्चर्य से होती मैं फिर सोचने लगी....क्या वास्तव में कल्पना में रंग भरकर उसे साकार, सजीव किया जा सकता है, काश......काश.....
कल्पना लोक के इस जासूस को आज भी मैं जीवित व्यक्ती के रूप में ही पसंद करती हूँ, याद करती हूँ......










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