Monday, November 28, 2016

तुझको चलना होगा


 कुछ तो बोल। हम पिछले घंटे भर से एकदम चुप बैठे हैं। बॉय द वे , तू सोच क्या रही है ?

हम क्यों नहीं बहते इस झरने की तरह ?

क्योंकि हम इतने सरल नहीं होते। न जाने कहाँ -कहाँ की सोचों में दिमाग घुमाते रहते हैं। वो क्या कह रहा होगा ? लोग क्या कहेंगे ? समाज क्या सोचेगा ? क्या इज़्ज़त रह जाएगी...? हद है।

ह्म्म्म,  और यही सब सोच कर हम अपना आज खराब कर देते हैं।

हाँ बिलकुल ऐसा ही है।

अच्छा सुन जब तूने अपने ऑफिस में अपने दोस्तों को मेरे बारे में बताया तो उन्होंने क्या कहा था ? क्या सोच रहे थे वे मेरे बारे में ? उन्होंने क्या....

........

बता न... मैं कितनी टेन्स हूँ।  मुझे रात भर अच्छे से नींद भी नहीं आयी। बोल्ड लड़कियों की इमेज अच्छी नहीं होती न ? क्या कहा था उन्होंने ? बोल ना... क्या सोच रहे होंगे वे मेरे बारे में ?

तेरा सर सोच रहे होंगे, तुम झरने सी कब बनोगी ?





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