Friday, July 8, 2016

चल कहीं दूर निकल जाएँ


ओए.. 

' क्या हुआ ?'

....... कुछ नहीं 

'कुछ कैसे नहीं , अब बता भी '

कहा ना रहने दे , तू जा अब

'तो आवाज क्यों दी ?'

तू पलटा क्यों?

'तू आवाज देगी तो क्या मैं पल्टुंगा नहीं ?'

तेरा नाम लिया था क्या मैंने, बता जरा ? लिया था क्या ? नहीं ना , फिर... ?

'मुझे तेरे अलावा कोई - ओए कह कर नहीं पुकारता '

तो... ?

' तो क्या ?'

तो कुछ नहीं....तू जा ना अब। जाने वाले को पलटना नहीं चाहिए  

' हाँ बरोबर...और जाने वाले को पीछे से आवाज़ भी नहीं देनी चाहिए '

...... 

'चुप क्यों हैं ? कुछ तो बोल '

चल ठीक है फिर, हम दोनों साथ ही चलते हैं। दूर बहुत दूर.... 

' हाँ....फिर पीछे से आवाज़ देने वाला भी कोई नहीं होगा '





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