Wednesday, June 17, 2015

दुनिया करे सवाल तो हम क्या जवाब दें


'कॉमरेड आजकल उखड़े -उखड़े काहे दीखते हो ?'

'ना, मैं ठीक हूँ '

'तुम हमेशा ही ठीक रहते हो। कभी कहा ठीक नहीं हो ?'

'ठीक हूँ तो हूँ। तुम दिमाग मत खाओ मेरा। आधा दिमाग नेता लोग खा दिए हैं और......'

'छोडो राजनीति...चलें क्या ?'

'कहाँ ?'

'दूर पहाड़ों में, नदी किनारे, वहां घूमेंगे। '

'नहीं आ सकता '

'गंदे हो तुम.... छि...बहुत्ती गंदे '

इस बात पर लड़का भी और लड़की भी दोनों हंस दिए। प्रेम से एक दूसरे को देखते हुए नोंक -झोंक फिर शुरू हो गई। वहीं मेट्रो स्टेशन की बेंच पर। 'तुम न.......

ये सिर्फ एक दूसरे से मिलने आए होंगे या फिर इन्हें कहीं जाना भी होगा? मेट्रो में बैठ कर ? 

'प्रेम में बाकी दुनिया नहीं दिखती क्या??? सवाल ही सवाल…… 


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